क्या विज्ञान है शिव पुराण कथा के पीछे?
शिव पुराण के पीछे यह विज्ञान है कि अगर आप शिव पुराण की कथाओं की तरफ ध्यान दें, तो आप देखेंगे कि इनमें मूल विचार के सिद्धांत, प्रमात्रा यांत्रिकी के…
शिव पुराण के पीछे यह विज्ञान है कि अगर आप शिव पुराण की कथाओं की तरफ ध्यान दें, तो आप देखेंगे कि इनमें मूल विचार के सिद्धांत, प्रमात्रा यांत्रिकी के…
महामृत्युंजय मंत्र का हिन्दू धर्म व शिव पूजा मे बहुत महत्व है व इसके अनेक लाभ हैं। इसका उल्लेख ऋग्वेद से लेकर यजुर्वेद तक में किया गया है। इसके अलावा…
शिव पुराण में बताया गया है देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर को भगवान शिव का वरदान कि वह यक्षों के स्वामी और देवताओं का कोषाध्यक्ष बनेंगे। कुबेर महाराज पूर्व जन्म में गुणनिधि नामक ब्राह्मण थे। बचपन…
भगवान शिव को शंख से जल चढ़ाना मना किया गया है। हिंदू धर्म वैसे तो शंख को एक पवित्र वस्तु के रूप में पूजा जाता है और सभी देवी देवताओं…
झूठ बोलने वाले लोग शिव को प्रिय नहीं हैं। इसी कारण भोलेनाथ ने माता पार्वती का त्याग कर दिया था। क्योंकि उन्होंने भगवान राम से सीता रूप में मिलने के बाद भोलेनाथ से झूठ…
भगवान शिव और अर्जुन युद्ध का महाभारत मे बहुत महत्व है क्योंकि इस युद्ध मे प्राप्त हुए बाण से ही अर्जुन ने कारण का वध किया था। हिमालय पर्वतमाला में …
एक बार भगवान महादेव ने बहुत क्रोध कर के एक अनोखा संकल्प लिया । उन्होंने माता पार्वती को साक्षी बनाकर यह संकल्प लिया कि जब तक यह दुष्ट दुनिया सुधरेगी नहीं, तब तक…
सामान्यतः शिवजी के मंदिर में पूजा एवं साधना करनेवाले श्रद्धालुगण शिवजी की तरंगों को सीधे अपने शरीर पर नहीं लेते; क्योंकि इससे उन्हें कष्ट होता है । शिवजी के मंदिर…
स्नान शंकरजी की पिंडी को ठंडे जल, दूध एवं पंचामृत से स्नान कराते हैं । (चौदहवीं शताब्दी से पूर्व शंकरजी की पिंडी को केवल जल से स्नान करवाया जाता था;…
शिवपूजा में शंख की पूजा शिवपूजा में शंख की पूजा नहीं की जाती, उसी प्रकार शिवजी पर शंखद्वारा जल नहीं डालते । देवताओं की मूर्तियों के मध्य में यदि पंचायतन (पंचायतन अर्थात पंच…
शिवलिंग पर दूध अर्पित करने से आरोग्य की प्राप्ति होती है | शिवलिंग पर दही अर्पित करने से हमें जीवन में हर्ष और उल्लास की प्राप्ति होती है । शिवलिंग पर शहद चडाने से रूप और सौंदर्य प्राप्त होता है , वाणी में मिठास रहती है, समाज…
ॐ यह स्थान अपने नाम मणि महेश को पौराणिक मान्यता के लिए जिम्मेदार ठहराता है कि भगवान शिव के मुकुट पर मणि (एक गहना) है और स्थानीय लोगों का मानना…
ॐ मणिमहेश न केवल धार्मिक पहलू के लिए प्रसिद्ध है। झील का प्राकृतिक सौंदर्य मनमोहक है। आसपास के खूबसूरत पहाड़, झील का साफ प्रतिबिंब और गरजते बादल आपको धरती पर…
हिमाच्छादित मूल की झील, घोई नाला की ऊपरी पहुँच में है , जो बुधिल नदी की सहायक नदी है , जो हिमाचल प्रदेश में रावी नदी की सहायक नदी है…
मणिमहेश झील (भगवान शिव के विश्राम स्थल के रूप में स्थानीय लोगों द्वारा प्रतिष्ठित) को तीर्थ यात्रा हिमाचल प्रदेश सरकार, मणिमहेश तीर्थयात्रा समिति और कई स्वैच्छिक संगठनों द्वारा समर्थित है।…
ऐसी मान्यता है कि प्रबोधनी एकादशी से सृष्टि के पालन कर्ता भगवान विष्णु सारी जिम्मेदारियों से मुक्त होकर अपने दिव्य भवन पाताललोक में विश्राम करने के निकल लेते है और…