कामदेव को ब्रह्माजी द्वारा शाप देना – तीसरा अध्याय

ब्रह्माजी ने कहा: हे नारद! सभी ऋषि-मुनि उस पुरुष के लिए उचित नाम खोजने लगे। तब सोच-विचारकर वे बोले कि तुमने उत्पन्न होते ही ब्रह्मा का मन मंथन कर दिया…

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शिव-पार्वती चरित्र – दूसरा अध्याय

सूत जी बोले ;- हे ऋषियो! ब्रह्माजी के ये वचन सुनकर नारद जी पुनः पूछने लगे। हे ब्रह्माजी! मैं सती और शंकरजी के परम पवित्र व दिव्य चरित्र को पुनः…

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सती चरित्र – पहला अध्याय

नारद जी ने पूछा :- हे ब्रह्माजी! आपके श्रीमुख से मंगलकारी व अमृतमयी शिव कथा सुनकर मुझमें उनके विषय में और अधिक जानने की लालसा उत्पन्न गई है। अतः भगवान शिव…

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महाशिवरात्रि पूजा विधि

महाशिवरात्रि पूजा विधि: इस महान उत्सव पर भगवान शिव को समर्पित पूजा की सही विधि जानें। शिवलिंग की स्थापना, अभिषेक, बिल्व पत्र अर्पण, धूप-दीप दान, नैवेद्य, मंत्र जाप, आरती, और…

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Mahashivratri Images महाशिवरात्रि फोटो गैलरी

Mahashivratri Images महाशिवरात्रि फोटो गैलरी: महाशिवरात्रि के उत्साहजनक चित्रों के साथ यह उत्कृष्ट संग्रह देखें, जो दुनियाभर में भक्तों के उत्साह और भक्ति को प्रकट करते हैं। इस संग्रह में…

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महाशिवरात्रि और शिवरात्रि के बीच अंतर

महाशिवरात्रि और शिवरात्रि के बीच के मुख्य अंतर: भारतीय संस्कृति में त्योहारों का अपना एक खास स्थान है, जो न केवल सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखते हैं बल्कि आध्यात्मिक शिक्षाओं…

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भगवान शिव को आशुतोष क्यों कहा जाता है?

भगवान शिव को 'आशुतोष' कहा जाता है क्योंकि वह अपने भक्तों के प्रति शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता हैं। 'आशुतोष' का अर्थ होता है 'जल्दी प्रसन्न होने वाला' या 'तुरंत…

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भूतनाथ मंदिर, हिमाचल प्रदेश: भगवान शिव का एक प्राचीन मंदिर

हिमाचल प्रदेश, भारत के उत्तरी भाग में स्थित एक रमणीय पहाड़ी राज्य है, जिसे अपनी प्राकृतिक सौंदर्यता और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। यहां कई प्राचीन मंदिर और…

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भरमौर के 84 मंदिरों के खूबसूरत दर्शन!

हिमाचल प्रदेश, भारत - हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित भरमौर घाटी एक आश्चर्यजनक सौंदर्य से भरी हुई है और यह गांव 84 अद्भुत मंदिरों के लिए भी जाना…

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भगवान शिव का कैलाश पर्वत पर गमन – बीसवां अध्याय

ब्रह्माजी बोले- हे नारद मुनि! कुबेर के कैलाश पर्वत पर तप करने से वहां पर भगवान शिव का शुभ आगमन हुआ । कुबेर को वर देने वाले विश्वेश्वर शिव जब…

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गुणनिधि को कुबेर पद की प्राप्ति – उन्नीसवां अध्याय

नारद जी ने प्रश्न किया - हे ब्रह्माजी ! अब आप मुझे यह बताइए कि गुणनिधि जैसे महापापी मनुष्य को भगवान शिव द्वारा कुबेर पद क्यों और कैसे प्रदान किया…

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गुणनिधि को मोक्ष की प्राप्ति – अठारहवां अध्याय

ब्रह्माजी बोले- हे नारद! जब यह समाचार गुणनिधि को मिला तो उसे अपने भविष्य की चिंता हुई। वह कई दिनों तक भूखा-प्यासा भटकता रहा। एक दिन भूख-प्यास से व्याकुल वह…

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पापी गुणनिधि की कथा – सत्रहवां अध्याय

सूत जी कहते हैं - हे ऋषियो ! तत्पश्चात नारद जी ने विनयपूर्वक प्रणाम किया और उनसे पूछा— भगवन्! भगवान शंकर कैलाश पर कब गए और महात्मा कुबेर से उनकी…

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सृष्टि की उत्पत्ति – सोलहवां अध्याय

ब्रह्माजी बोले – नारद! शब्द आदि पंचभूतों द्वारा पंचकरण करके उनके स्थूल, आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी, पर्वत, समुद्र, वृक्ष और कला आदि से युगों और कालों की मैंने…

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सृष्टि का वर्णन – पंद्रहवां अध्याय

नारद जी ने पूछा— हे पितामह! आपने बहुत सी ज्ञान बढ़ाने वाली उत्तम बातों को सुनाया। कृपया इसके अलावा और भी जो आप सृष्टि एवं उससे संबंधित लोगों के बारे…

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पुष्पों द्वारा शिव पूजा का माहात्म्य – चौदहवां अध्याय

ऋषियों ने पूछा- हे महाभाग ! अब आप यह बताइए कि भगवान शिवजी की किन - किन फूलों से पूजा करनी चाहिए? विभिन्न फूलों से पूजा करने पर क्या-क्या फल…

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